ऊपर से होता है भ्रष्टाचार

जिला सरपंच संघ की बैठक में गर्माया मामला, अधिकार छीनने पर सरपंचों ने जताई नाराजगी, विधायक सांसद से की पैरवी करने की मांग

कार्यालय संवाददाता | करौली
सरकारद्वारा सरपंचों के अधिकार छीनने पर जिला सरपंच संघ के सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार तो ऊपर से होता है। सरपंच क्या करें। सरपंचों ने यहां तक कहा कि अगर सरकार सरपंचों के अधिकार छीन रही है तो पंचायतीराज व्यवस्था ही समाप्त कर दे। सरपंचों ने कार्यक्रम में उपस्थित सांसद विधायकों से आग्रह किया कि राज्य देश स्तर पर उनकी पैरवी कर पूर्व की भांति चली रही व्यवस्था को ही कायम रखे।
सांसद डाॅ.मनोज राजौरिया ने कहा कि केन्द्र राज्य सरकार की सभी योजनाओं का उद्देश्य बहुत ही अच्छा क्षेत्र को विकास की गति से जोड़ना है, लेकिन क्रियान्वयन सही नहीं होने से लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सांसद ने यह बात मंगलवार को एक रिसोर्ट में जिला सरपंच संघ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कही।
फंडमिले तो विकास हो
कार्यक्रमकी अध्यक्षता कर रहे करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर ने कहा कि सरपंचों के पास कोई फंड नहीं होता है, जिससे वह पंचायत में विकास कार्य कराएं। सरकार ने उनके पूर्व के फंडों पर रोक लगा दी है, जो गलत है। सरपंचों को फंड मिले तो विकास के कार्य हो। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सपोटरा विधायक रमेश चंद मीना ने बताया कि सरकार की योजनाएं बुरी नहीं होती, लेकिन योजना बनाने वाले अधिकारी धरातल पर नहीं देखते और बिना फीडबैक लिए योजना को लागू कर देते हैं, जिसका खामियाजा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उठाना पड़ता है। कार्यक्रम को सरपंच संघ अध्यक्ष हीरासिंह महामंत्री अतेवा सरपंच अनिल शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि कैप्टन हर प्रसाद तंवर, अमरसिंह नीमरोठ, मंडरायल सरपंच योगेश पंडित, झारेड़ा सरपंच नाहरसिंह मीणा, निसूरा के कैप्टन डीआर गुर्जर, नाथूलाल मीणा, रामसिंह पाली, चन्द्रपाल बैनीवाल, राकेश मीना, प्यारे लाल मीना, मुकेश मीना सहित कई सरपंच सरपंच प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम को संबोधित कर कहा कि जब तक उनकी 6 सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होता तब तक उनका कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। सरकार ने पंचायत चुनाव में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार देकर 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित की, लेकिन जिला सरपंच संघ मंगलवार कार्यक्रम में मात्र दो महिला सरपंच ही उपस्थित थी।
सभी सरपंचों को बराबर मिले पैसा
विधायकरमेश मीना ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से गत दिनों मुलाकात कर अवगत कराया कि करौली जिले में बहुत कम पैसा दिया जा रहा है, जो असमान रूप से। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा सरपंचों को विभिन्न मदों में बहुत पैसा मिलता था, जिससे वह अपने हिसाब से पंचायत में काम करा सकते थे, लेकिन अब सरकार ने सब पर पाबंदी लगाकर गांवों में विकास कार्य रोक दिए हैं।
करौली. विनायकरिसोर्ट में आयोजित सरपंच संघ की बैठक में उपस्थित सरपंच सरपंच प्रतिनिधि।