मुख्यमंत्री पालनहार योजना

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मुख्यमंत्री पालनहार योजना मुख्यमंत्री श्री वसुंधरा राजे जी की बहुत अहम योजनाओ में से एक है इसके अंतर्गत अनाथ बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा आदि की व्यवस्था उपलब्ध करवाने के मकसद से इस योजना की शुरुवात की गयी ।अनाथ बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा आदि की व्यवस्था संस्थागत नहीं की जाकर समाज के भीतर ही बालक/बालिका के निकटतम रिश्तेदार/परिचित व्यक्ति के परिवार में करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को पालनहार बनाकर राज्य की ओर से आर्थिक सहायता देना है ।
इस योजना में वर्तमान में इस अनुसार निम्न श्रेणियों में लाभान्वित किया जा रहा है ।
1-अनाथ बालक/बालिका।
2-न्यायिक प्रक्रिया से मृत्यु दण्ड/आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चें।
3-निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा माता की तीन संतान।
4-पुर्नविवाहित विधवा माता के बच्चें।
5-एड्स पीडि़त माता/पिता के बच्चें।
6-कुष्ठ रोग से पीडि़त माता/पिता के बच्चें।
7-नाता जाने वाली माता की तीन संतान।
8-विकलांग माता-पिता की संतान।
9-तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला की संतान।
पालनहार परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रूपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
पालनहार योजनान्‍तर्गत ऐसे अनाथ बच्‍चों के पालन-पोषण, शिक्षा आदि के लिए पालनहार को अनुदान उपलब्‍ध कराया जाता है। पालनहार परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रूपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ऐसे अनाथ बच्‍चों को 2 वर्ष की आयु में आंगनबाड़ी केन्‍द्र पर तथा 6 वर्ष की आयु में स्‍कूल भेजना अनिवार्य है।
प्रत्‍येक अनाथ बच्‍चे हेतु पालनहार परिवार को 5 वर्ष की आयु तक के बच्‍चे हेतु 500 रूपये प्रतिमाह की दर से तथा स्‍कूल में प्रवेशित होने के बाद 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक 1000 रूपये प्रतिमाह की दर से अनुदान उपलब्‍ध कराया जाता है। इसके अतिरिक्त वस्‍त्र, जूते, स्‍वेटर एवं अन्‍य आवश्‍यक कार्य हेतु 2000 रूपये प्रति वर्ष (विधवा एवं नाता की श्रेणी को छोडकर) प्रति अनाथ की दर से वार्षिक अनुदान भी उपलब्‍ध कराया जाता है।
पालनहार परिवार को उक्‍त अनुदान आवेदन करने पर शहरी क्षेत्र में विभागीय जिला अधिकारी द्वारा एवं ग्रामीण क्षेत्र में सम्‍बन्धित विकास अधिकारी द्वारा स्‍वीकृत किया जाता है।
मैं मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी के इस अनूठे पहल के लिए उनका आभार व्यक्त करूँगा की उन्होंने हमारे प्रदेश में अनाथ बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा आदि की व्यवस्था उपलब्ध करवाने के मकसद से इस योजना की शुरुवात की ।