मुख्यमंत्री ‪‎राजश्री‬ योजना

MUKHYAMANTRI-RAJSHREE-YOJNA

‪मुख्यमंत्री‬ ‪शुभलक्ष्मी‬ ‎योजना‬ का नाम बदलकर आज से मुख्यमंत्री ‪‎राजश्री‬ योजना हो गया है। इसी के साथ ही इसमें लाभान्वित राशि भी 7400 रुपए से बढ़कर 50 हजार रुपए होगी। शुभलक्ष्मी योजना में सरकार सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बेटी को 2100 रुपए की आर्थिक सहायता देती है तथा योजना के तहत समय-समय पर मां-बेटी को 7400 रुपए तक की आर्थिक सहायता देने का भी प्रावधान था। शुभलक्ष्मी योजना 1 अप्रैल 2013 से संचालित थी जो अब राजश्री योजना हो गयी है। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी ने शुभलक्ष्मी योजना का नाम बदलने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी 50 हजार रुपए कर दी है एवं इसका लाभ आज से यानि1 जून से जन्म लेने वाली बेटियों को मिलेगा। इस योजना में उन बेटियों को शिक्षा के लिए 50 हजार रुपए दिए जाएंगे, जिनका जन्म सरकारी अस्पताल में हुआ है। यह राशि 12वीं तक पढ़ाई पूरी करने तक मिलेगी।
‪मुख्यमंत्री शुभ लक्ष्मी‬ योजना के तहत नियमानुसार दिया जाने वाला प्रथम परिलाभ 2100 रुपए की राशि 31 मई रात 12 बजे तक देय होगा। सीएमएचओ ने बताया कि जिन बालिकाओं को मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना के तहत प्रथम परिलाभ 31 मई की रात 12 बजे तक दिया जाएगा, उनको मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना के तहत आगामी दिए जाने वाले द्वितीय एवं तृतीय परिलाभ क्रमश: 2100 एवं 3100 पूर्व में जारी मुख्यमंत्री शुभ लक्ष्मी योजना के तहत दिया ही जाएगा। इसके अलावा जिन बालिकाओं को मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना का प्रथम एवं द्वितीय परिलाभ दिया जा चुका है उनको भी तीसरा परिलाभी इसी योजना के तहत ही 3100 रुपए दिया जाएगा।
एवं मुख्यमंत्री राजश्री योजना के अनुसार बालिका के जन्म के समय 2500 रुपए की आर्थिक सहायता मां को दी जाएगी। दूसरी किस्त के रूप में भी पहले जन्मदिन पर 2500 रुपए बालिका को दिए जाएंगे, लेकिन इसमें पूर्ण टीकाकरण होने पर दिया जाएगा। वहीं पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर बालिका की माता के खाते में 4 हजार रुपए आएंगे। जब बेटी इसके बाद छठी कक्षा में प्रवेश लेगी तो फिर से सरकार उसकी मां के खाते में पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता देगी। 10वीं में प्रवेश लेने पर ग्यारह हजार की और सहायता मिलेगी। यदि 12वीं कक्षा पास कर लेती है तो एक मुश्त 25 हजार रुपए की सहायता देगी। सरकार योजना को भामाशाह से भी लिंक करेगी। सरकार की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता बेटी की मां के खाते में ही जमा होगी। पहली दो किस्तें ‪चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग‬ की ओर से और उसके बाद ‎महिला एवं बाल विकास विभाग‬ की ओर से यह परिलाभ मिलेगा। इसमें 12वीं पास करने तक 6 किश्त मिलेगी ।
अमूमन ग्रामीण इलाकों में बालिकाएं विभिन्न कारणों से अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर पाती। इसमें सबसे बड़ा कारण अभिभावकों की कमजोर आर्थिक स्थिति है। इसी कारण अब बढ़ाए गए 45 हजार रुपए बालिका की शिक्षा पूर्ण होने तक विभिन्न किस्तों में दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे जी की बजट घोषणा 2016-17 के अनुसार शुभलक्ष्मी योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री राजश्री योजना कर दिया गया है। इसी के साथ हीं इसमें दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को भी बढाया गया है। बालिका जन्म को बढावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राजश्री योजना जिला सहित पूरे प्रदेश में आज से बुधवार से लागू हो गयी है।
31 मई रात्रि 12 बजे बाद से सरकारी व अधिस्वीकृत निजी चिकित्सालयों में जीवित बालिका के जन्म पर बालिकाओं को इस योजना के तहत 50 हजार रूपये का लाभ मिलना शुरू हो जायेगा। ज्यों-ज्यों बिटिया बढ़ी होगी,योजना के तहत किश्ते मिलती रहेगी।
इसके बाद 1 जून से सरकारी व अधिस्वीकृत चिकित्सा संस्थानों में जन्म लेने वाली बालिका की मां को मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत लाभ दिया जायेगा। उन्होंने समस्त चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि वे राजश्री योजना के संचालन हेतु चिकित्सा संस्थानों पर पूर्ण तैयारी सुनिश्चित कर लेवे। क्योकि 1 जून से योजना का शुभारम्भ जिले में किया जा रहा है। योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का भुगतान ऑनलाईन की जगह प्रसूता माताओं को अकाउण्ट पेयी चैक के माध्यम से किया जायेगा। राजश्री योजना का लाभ मात्रा राजस्थान प्रदेश की मूल निवासी प्रसूताओं को ही देय होगा। उन्होंने बताया कि योजना के शुरू होने से बालिकाओं के प्रति समाज का नजरियां बदलेगा व अभिभावकों को सम्बल मिलेगा और सभी समाजों में कन्याओं के शिक्षण व पालन-पोषण के प्रति और अधिक जागरूकता आयेगी ।
मै मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी की इस अनूठी पहल के लिए उनको हार्दिक धन्यवाद् देता हूँ की उन्होंने बेटियों के लिए इस महत्वपूर्ण योजना की शुरुवात की।